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प्रशासनिक व्‍यवस्‍था

 

राजस्‍थान खादी तथा ग्रामोघोग बोर्ड अधिनियम,1955 की धारा 8 (क) एवं 9 के अन्‍तर्गत सचिव तथा वित्त सलाहकार एवं मुख्‍य लेखाधिकारी की नियुत्त‍ि राज्‍य सरकार द्वारा की जाती हैं।

जिला स्‍तर पर जिला उघोग केन्‍द्र योजनान्‍तर्गत विशिष्‍ठ एवं ‘ए’ श्रेणी के जिला उघोग केन्‍द्रों में उप निदेशक,’ब’ श्रेणी में सहायक निदेशक और ‘सी’ श्रेणी में जिला उघोग अधिकारी के पद हैं। 

ग्रामोघोग प्रसार अधिकारी पंचायत समिति स्‍तर पर कार्यरत हैं। ग्रामोघोग प्रसार अधिकारी, कामगारों के ऋण पत्र तैयार करवाता है। इसके अतिरिक्‍त कामगारों को कच्‍चा माल उपलब्‍ध करवाने,तकनीकी मार्ग दर्शन देने तथा तैयार माल की बिक्री में भी सहायता करता हैं।


बोर्ड के उद्देश्‍य एवं कार्य:-

  • खादी तथा ग्रामोघोग के विकास की योजना बनाना।
  • कार्यक्रम संगठित करना और उनकी क्रियान्विति करना।
  • निम्‍न आय वर्ग के लोगों एवं कारीगरों को खादी ग्रामोघोग के माध्‍यम से रोजगार के अवसर उपलब्‍ध कराना।
  • कारीगरों को प्रशिक्षण देना।
  • कच्‍चे माल की व्‍यवस्‍था तथा तैयार माल का विपणन करना।
  • कारीगरों में सहकारी भावना को विकसित करना,आदि।