उदेश्य

उदेश्य:

1. समस्त राजकीय पब्लिक सेक्टर उपक्रमों के कृत्यकरण का अनुश्रवण (मोनिटरिंग), पूर्वालोकन और मूल्यांकन इस दृष्टि से करना की जिनसे व्यष्टिक ईकाइयों, को अधिकतम प्रबंधकीय दक्षता और विनिधानों पर अनुकूलतम परिणाम प्राप्त करते हुये अपने निगमित उदेश्य प्राप्त करने में सहायता मिलें ।

2. राजकीय उपक्रमों और/या उनके बोर्डो, शासी निकायो में सरकार द्वारा नामनिर्दिष्ट निदेशको/सदस्यों को ऐसे दिशानिर्देश जारी करना जो उद्यम के प्रबंधको पद्धतियों प्रकियाओं, प्रोद्योगिकी, प्रबंध पद्धतियों, लेखांकन, गुणवता, नियंत्रण में और विभिन्न अन्य क्षेत्रो में समुचित शोधक उपाय करने और सुधार लाने के लिए समय-समय पर आवश्यक समझे जायें। 

3. विभिन्न राजकीय उद्यमों के कार्यकरण को समुचित करना और यह प्रयास यह प्रयास करना कि सामान्य प्रकार के विषयों में जैसे कि कार्मिक नीतिया और प्रकियाऐ, भर्ती प्रकियाऐं, व्यक्तियों को प्रशिक्षण और नियोजन, मजदूरी संरचना, क्रय और व्ययन प्रक्रियाओं सहित भंडार प्रबंध स्टाफ व कल्याण सम्बन्धी फायदेमन्द और ऐसे ही विषयों में, एक निश्चित अंश तक दृष्टिकोण की एकरूपता हो। 

4. ऐसे क्षेत्रों का पता लगाने में सहायता करना, जहां विभिन्न राजकीय उपक्रमों के बीच क्रर्यो, विपणन, वित्त पोषण के क्षेत्रो में समन्वित या संयुक्त प्रयासों के लिए सम्पर्क  और अवसर, स्थापित किये जा सके।

5. सामान्य सेवाओं ओर सुविधाओं की, जैसे की  कार्मिकों का प्रशिक्षण, कर्मचारी आवास योजनाएँ हाथ में लेना संगणक सुविधायें  और ऐसे ही कायो की व्यवस्था करना।

6. समस्त पब्लिक सेक्टर के उपक्रमों के लिए सूचना के संग्रह एवं प्रसारण हेतु  समाशोधन के रूप में कार्य करना। 

7. ऐसे अन्य कृत्य जो समय-समय पर सरकार द्वारा ब्यूरो को सौपें जाये।